छोटे व्यवसाय अमल करें इन 5 बातों पर और बचें कोरोना के प्रभाव से

March 21, 2020
Harshna Paroha

2019 नॉवेल कोरोना वायरस उर्फ़ COVID-19 नामक गंभीर श्वसन वायरस दुनिया भर में महामारी फैलाने के लिए सुर्खियां बना रहा है। कुछ समय पहले वूहान, चीन में शुरू हुई ये महामारी अब दुनिया भर में फैल चुकी है।  भारत में ही, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार (20 मार्च, 2020) को पुष्टि की गई है कि कोरोनोवायरस के मामले बढ़कर 206 हो गए हैं। 

इस गंभीर स्थिति को मद्दे नज़र रखते हुए, मजबूत स्वास्थ्य देखभाल उपायों की तत्काल व्यवस्था करना और इस महामारी से लड़ने के लिए दीर्घकालिक रणनीति बनाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। भारत में लगभग हर उद्योग पर कोविद -१९ का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में शेयर बाजारों में जबर्दस्त गिरावट आई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि भारत की जीडीपी वृद्धि इस वित्त वर्ष में घटकर 4.5% हो जाएगी। ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, एफ एंड बी और एविएशन जैसे उद्योग वर्तमान में सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। जहाँ छोटे व्यवसाय पहले से ही प्रचलित विमुद्रीकरण चुनौतियों, GST अनुपालन और नकदी के संकट से जूझ रहे थे, वैश्विक आर्थिक मंदी के साथ कोरोना प्रकोप का यह दौर चीजों को बदतर बना रहा है।

19 मार्च, 2020 को कोरोना के प्रकोप के मद्देनजर, पी एम नरेंद्र मोदी ने लोगों से २२ मार्च, 2020 को जनता कर्फ्यू लगाने की अपील की है। जनता कर्फ्यू एक ऐसी स्थिति है जिसमें लोग अपने घरों तक सीमित रहते हैं और बहुत ही जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलते हैं। यह वायरस के प्रसार पर नियंत्रण सुनिश्चित करने की कोशिश है। लोगों को कुछ हफ्तों के लिए बाहर जाना बंद करना होगा और घर से किए जाने वाले सभी गैर-महत्वपूर्ण कार्यों की योजना बनाकर ‘सामाजिक दूरी रखनी होगी। ट्रेडर्स बॉडी – कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने घोषणा की है कि देश भर के सभी व्यापारी 22 मार्च (रविवार) को सुबह 7 से रात 9 बजे तक अपनी दुकानें, कारोबार बंद रखेंगे।

वर्तमान हालातों को देखते हुए, व्यापार को आर्थिक रूप से जीवित रखने के लिए, व्यवसाय मालिकों को आज संचालित होने वाले तरीकों को बदलने की आवश्यकता है।हमने 5 सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं की एक सूची तैयार की है जिन्हें आप आसानी से अपना सकते हैं और कोरोना स्तिथि का सामना मज़बूती से कर सकते हैं: 

1. नकद से ज्यादा डिजिटल पेमेंट स्वीकार करें

हाथ से नकदी लेन-देन से बचें और डिजिटल भुगतान का विकल्प चुनें। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोगों से गैर-नकद डिजिटल भुगतान विकल्पों (जैसे NEFT, IMPS, UPI और BBPS) का विकल्प चुनने को कहा है, जो कि मनी ट्रांसफर, सामानों / सेवाओं की खरीदी, भुगतान की सुविधा इत्यादि के लिए चौबीस घंटे उपलब्ध रहेंगे।

2. व्यक्तिगत बैठक कम करें और हाथ न मिलाएं

हम सभी जानते हैं कि अपने व्यावसायिक भागीदारों (ग्राहकों, आपूर्तिकर्ताओं, आदि) के संपर्क में लगातार बने रहना कितना महत्वपूर्ण और सहायक है।यह आत्मविश्वास को मजबूत करता है और मजबूत संबंधों का निर्माण करता है जो किसी भी स्वस्थ व्यवसाय के लिए महत्वपूर्ण तत्व हैं। वर्तमान कोरोना प्रकोप और आत्म नियंत्रण स्थितियों के साथ, आप अपनी व्यावसायिक बैठकों को ऑनलाइन कर सकते हैं और कॉल / संदेश पर जितना संभव हो उतना सहयोग करने का प्रयास कर सकते हैं।इसके लिए मुफ्त कॉलिंग/ मैसेजिंग प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक आदि का उपयोग किया जा सकता है।

3.व्यवसाय को डिजिटल रूप से चलाएं

किफायती स्मार्टफोन और सस्ते डेटा के संयुक्त वरदान के साथ, अपने मोबाइल फोन के माध्यम से अपने व्यवसाय के संचालन की निगरानी करना ab पहले से कहीं ज्यादा आसान है।आप बस साधारण मोबाइल बिलिंग और अकाउंटिंग ऐप जैसे – FloBooks का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसके साथ आप सभी प्रकार के व्यवसायिक  लेनदेन रिकॉर्ड कर सकते हैं, स्टॉक इन्वेंट्री का प्रबंधन कर सकते हैं और तुरंत बिल / कोटेशन बना सकते हैं।आप आसानी से बिलों को प्रिंट और शेयर कर सकते हैं और तेजी से पेमेंट पाने के लिए पेमेंट रिमाइंडर भी भेज सकते हैं।

4. हाथ धोते वक़्त 20 सेकंड नियम का पालन करें

WHO ने कोरोना प्रकोप को उसके तेज़ी से फैलने वाले संक्रामक प्रकृति के कारण महामारी घोषित किया।इसका मुकाबला करने के लिए, लोगों को एक सरल नियम का पालन करने की आवश्यकता है – बाहर से घर आने के तुरंत बाद या कुछ भी खाने / पकाने से पहले 20 सेकंड तक हाथ धोएं। सामान प्राप्त करने / एकत्र करने के लिए दस्ताने का उपयोग करें और कोविद -19 संक्रमण से बचने के लिए अपने हाथों के साथ-साथ चीजों को भी सुरक्षित रखें।अपनी दुकानों / कार्यालयों में सैनिटाइज़र रखना सबसे अच्छा विकल्प है और सभी को उनका उपयोग करने के लिए प्रेरित करना भी ज़रूरी है।

5. काम करने वाले लोगों के साथ सहानुभूति दिखाएं

इतिहास गवाह है कि इस तरह की महामारियों ने राष्ट्रों को कड़ी टक्कर दी है, लेकिन कोई भी लंबे समय तक कायम नहीं रहीं हैं।हमें इस प्रकोप से निपटने के लिए भी मजबूत और सकारात्मक रहने की आवश्यकता है।जहाँ  लोगों को घर के अंदर रहने के लिए कहा जा रहा है और व्यवसाय ऑनलाइन संचालित हो रहे हैं, तो ऐसे में हो सकता है कि आपकी टीम के कुछ सदस्यों को बाहर कदम रखने की आवश्यकता हो रही हो।ऐसे में आपको आभारी होना चाहिए और उन लोगों का आभार प्रकट करना चाहिए जो अभी भी ऐसे आपातकालीन स्थिति में आपके लिए काम कर रहे हैं।

संगीता रेड्डी, अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज लिमिटेड की संयुक्त प्रबंध निर्देशक (एक प्रमुख अस्पताल श्रृंखला), और व्यापार मंडल फिक्की (FICCI) की अध्यक्ष, कहती हैं– “यदि कोरोना (Covid-19) संकट का रिकवरी साईकल 3-6 महीने है, तो यदि अभी कुछ महत्वपूर्ण कदम नहीं लिया, तो इसे 3-6 वर्ष भी लग सकते हैं । राजकोषीय घाटे की चिंता न करना बहुत जरूरी है। चाहे वह पूरे क्षेत्र में 3-5 लाख करोड़ रुपये का प्रोत्साहन हो, खेती से लेकर विनिर्माण से लेकर निर्यात तक हर क्षेत्र के लिए इसे लागू करना होगा। मुझे लगता है कि हमें संकट को बर्बाद नहीं करना है, जैसे विंस्टन चर्चिल ने कहा है कि कभी भी अच्छे संकट को बेकार न जाने दें। इस समय को हमें अपने लक्ष्यों को रीसेट करने में तथा व्यापार और अर्थव्यवस्था के प्रति हमारे दृष्टिकोण को बदलने में लगाना चाहिए।”

कोरोना के प्रकोप को रोकने और अपने व्यवसाय पर लॉकडाउन के प्रभाव को कम करने के लिए उपरोक्त सभी आवश्यक चरणों का पालन करें। अगर आपको यह ब्लॉग पसंद आया है, तो कृपया अपने व्यवसाय नेटवर्क में शेयर करें और सुरक्षित और स्मार्ट तरीके से व्यवसाय करते रहें।

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